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Income Tax Saving – टैक्स भरने से है परेशान, तो इन 10 तरीके से बचे इनकम टैक्स भरने से ! Tax Saving Tips

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टैक्स देने से पहले व्यक्ति को उनकी कुल आयकर (Income tax) में कितनी छूट मिल सकती है इन सबके बारें में आपको जानकारी अवश्य होनी चाहिए। एक स्थिर वित्तीय जिंदगी के लिए टैक्स प्लेनिंग करना जरूरी है। इसलिए, आयकर में मिल रही कुछ प्रमुख कटौतियों की जानकारी आपको साल भर में अधिक से अधिक टैक्स बचाने में मदद कर सकती है। आईये जानते हैं उन्हीं कुछ कटौतियों के बारे में

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Income Tax Saving

धारा 80 सी-

इस धारा के तहत करदाता अपनी करयोग्य आय को 1.5 लाख तक घटा सकता है। इस धारा की कटौती का लाभ कई तरह के निवेश विकल्पों में निवेश कर के लिया जा सकता है।

इसमें प्रमुख रूप से अपने नाम से ईपीएफ, होम लोन के मूल धन का भुगतान, नए मकान की खरीद पर चुकाई गई स्टाम्प ड्यूटी, सुकन्या समृद्धि योजना, टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड, टैक्स सेविंग एफडी या बॉन्ड, अपने या जीवनसाथी के या बच्चों के नाम पर जीवन बीमा प्रीमियम, पीएफ या यूलिप मे निवेश करने पर तथा अधिकतम दो बच्चों के स्कूल या कॉलेज की ट्यूशन फीस का भुगतान करने पर भी इस धारा में कटौती ली जा सकती है।

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धारा 80सीसीडी (1बी)-

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इस धारा में नेशनल पेंशन योजना के तहत धारा 80सी के 1.5 लाख की कटौती के अतिरिक्त अधिकतम 50,000 रूपये की कटौती मिलती है। इस तरह 80सी एवं 80सीसीडी (1बी)  दोनो मिला कर 2 लाख रूपये की कटौती मिल सकती है।

धारा 80डी-

इस धारा के तहत स्वयं, जीवन साथी एवं आश्रित बच्चों पर चुकाए गए मेडिकल बीमा प्रीमियम के लिए अधिकतम 25000 की कटौती एवं माता पिता के लिए अधिकतम 25000 की अतिरिक्त कटौती मिलती है। यदि आपकी आयु 60 वर्ष से कम है और माता पिता की आयु 60 वर्ष से अधिक है तो कटौती 25000 से बढ़कर अधिकतम 50000  हो जाती है।

कटौती तब ही मिलती है जब प्रीमियम का भुगतान नकद न किया हो। और यदि माता पिता के साथ साथ निवेश करने वाले की आयु भी  60 वर्ष से ऊपर है तो आपकी कटौती कुल मिला कर अधिकतम 1,00,000 रूपये तक हो सकती है।

इस धारा में उपरोक्त लिमिट को ध्यान रखते हुए 5000 रूपये तक की प्रिवेंटिव हेल्थ चैक अप की भी कटौती मिलती है।

धारा 80डीडी-

यदि किसी करदाता पर कोई आश्रित जीवनसाथी, बच्चे, माता पिता या भाई बहन शामिल हो तो उनके इलाज और पालन-पोशन पर हुए खर्च पर 75,000 (यदि 40% विक्लांगता हो) एवं गंभीर विकलांगता होने पर 1,25,000 तक की कटौती मिल सकती है। इस कटौती से आपको उस आश्रित व्यक्ति की देखवाल में मदद मिलेगी।

अंधापन, कम दिखाई देना, बहरापन, दिमागी हानि, दिमागी रूप से कमज़ोरी, दिमागी बीमारियाँ, चलने-फिरने में विक्लांगता आदि इसके अंतर्गत आने वाली विक्लांगताएं हैं। करदाता को विक्लांगता का एक मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। यदि अाश्रित व्यक्ति को एक से अधिक दिक्कतें हैं तो करदाता को फॉर्म नं 10-1A फाईल करना पड़ेगा।

धारा 80डीडीबी-

इस धारा के तहत कैंसर, एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर किये व्यय पर 40000 रूपये या जितने भी कम से कम खर्च हुये हो उतने की कटौती का प्रावधान है। यदि खर्च वरिष्ठ नागरिक के इलाज के लिए है तो कटौती बढ़ कर 1,00,000 रूपये तक हो जाती है।

धारा 80ई-

इस धारा के तहत स्वयं, जीवन साथी या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए कर्ज पर चुकाए गये ब्याज पर कटौती का फायदा लिया जा सकता है। इस धारा में विदेश में उच्च शिक्षा के लिए कर्ज पर चुकाए गये ब्याज की भी कटौती मिलती है।

ब्याज के लिए कटौती में कोई लिमिट नहीं है। आप जिस साल से शिक्षा के कर्ज का ब्याज चुकाना शुरू करते है, उस समय इस धारा के अंतर्गत अगले सात साल या जब तक ब्याज चुकाया ना जाये तब तक के लिए निवेश कर सकते है। यह कटौती तब ही मान्य होती है जब यह कर्ज एक वित्तीय संस्थान से ली गयी हो न की किसी परिवार के सदस्य या किसी करीबि मित्र से लिया गया हो।

धारा 80जीजी-

यदि आप किराये के घर में रहते हैं तो आपको किराये के घर के भुगतान पर इस धारा के तहत अधिकतम 60000 रूपये की कटौती का प्रावधान है, लेकिन आपको एचआरए (house rent allowance) नहीं मिलना चाहिए। आपका स्वयं या जीवनसाथी या बच्चों का उस शहर में मकान नहीं होना चाहिए, जहां नौकरी कर रहें हैं। इस कटौती को पाने के लिए आपको 10बीए का फॉर्म जमा करना होगा।

धारा 24-

इस धारा में आय कर एक्ट के अंतर्गत होम लोन के लिए चुकाये गये ब्याज पर कटौती प्राप्त हो सकती है। इस धारा में आपके अपने घर के कर्ज पर ब्याज के लिए अधिकतम 2 लाख की कटौती प्राप्त हो सकती है। यदि घर आपका न होकर किराये का घर है तब कटौती की कोई अधिकतम लिमिट नहीं है तथा आप चुकाये गये पूरे ब्याज पर कटौती के लिए निवेश कर सकते है।

धारा 80 ईई-

यदि आपका कोई घर नहीं है अथवा आप पहली वार घर खरीद रहें हैं, तब आपको इस धारा के तहत अधिकतम 50,000 रूपये तक की कटौती मिल सकती है। यह कटौती आपको धारा 24 में 2 लाख रूपये के अतिरिक्त मिलती है। इस कटौती के लिए शर्त यह है कि घर की कीमत 50 लाख रूपये से कम होनी चाहिए और लिया गया कर्ज 35 लाख या उससे कम होनी चाहिए।

धारा 80टीटीए-

इस धारा के तहत आपको सेविंग बैंक में मिल रहे ब्याज के लिए 10000 रूपये की कटौती मिल सकती है। इसका मतलब यह नहीं की 10000 रूपये तक का ब्याज ही छूट प्राप्त हो, आपको यह राशि अपने आयकर रिटर्न में ‘दूसरे स्त्रोत से मिली आय’ के रूप में फाईल करके ही इस कटौती में निवेश कर सकते हैं।

सरकार ने कई सारी योजनाएं निकाली हैं जिनसे लोग आयकर भरते वक्त भी कुछ बचत कर सकते हैं। कई लोगो को इनकी जानकारी होती है पर यह नहीं पता होता किस योजना के तहत कुल कितने प्रकार की छूट का लाभ दिया जा रहा है। उन्हीं कुछ कटौतियों की जानकारी हमने आपको ऊपर दी है। 

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