Paramparagat Krishi Vikas Yojana : सरकार खेती करने के लिए किसान को देगी 50 हजार रुपये, ऐसे ले लाभ !

भारत सरकार ने किसानों के आर्थिक स्थिति को सुधारने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए Paramparagat Krishi Vikas Yojana की शुरुआत कर दी है, इसके तहत किसानों को 50 हजार रुपए तक की मदद दी जाएगी |

पंरपरागत कृषि विकास योजना के तहत किसानों को जैविक खेती से संबंधित समान को खरीदने के लिए बेहद सस्ते ब्याज दरों पर लोन भी मुहैया कराया जाएगा और किसानों को ऑर्गेनिक फार्मिंग करने के लिए प्रति हेक्टेयर 50000 रुपए कि मदद दी जाएगी |

केंद्र सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) को लांच किया था जिसमें खेती करने के लिए कीटनाशक और रासायनिक खादों का प्रयोग नहीं किया जाता है |

Paramparagat Krishi Vikas Yojana

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भारत में जैविक खेती की तरफ किसानों का बढ़ावा देने के लिए शुरुआत 2004-05 ऐसे ही हो गई थी इसलिए अब जैविक खेती को राष्‍ट्रीय परियोजना (एनपीओएफ) के तहत शुरू की गई ऑर्गेनिक फार्मिंग करने वाले किसानों को तीन साल के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है |

सरकार परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशकों और वर्मी कंपोस्ट सब खरीदने के लिए 31,000 रुपये (61 प्रतिशत) देती है और किसानों को जैविक इनपुट खरीदने के लिए तीन साल के लिए प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की मदद दी जाती है |

पंरपरागत कृषि विकास योजना का लाभ लेने के लिए कैसे मिलेगा जैविक खेती का सर्टिफिकेट

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जैविक खेती का प्रमाण पत्र लेना होगा और इसके लिए किसानों को आवेदन करना होगा साथ हि सार्टिफिकेट को देने के लिए कृषि मंत्रालय की ओर से 19 एजेंसियों को मान्यता दी गई है।

ऑर्गेनिक फार्मिंग के सर्टिफिकेट बनाने के लिए आपको सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसियों से ही सर्टिफिकेट लेना होगा और इसकेऔर इसके साथ ही प्रमाण पत्र लेने से पहले मिट्टी, खाद, बीज, सिंचाई, , कटाई, पैकिंग और भंडारण सहित सभी काम के लिए जैविक सामग्री की जरूरत होगी।

जैविक खेती का सर्टिफिकेट लेने के लिए किसानों को भंडारण की गई सामग्री का रिकॉर्ड भी रखना होता है और इस रिकॉर्ड की जांच सरकार की जांच एजेंसी के द्वारा कराई जाएगी और इसके बाद ही किसानों को सरकार की ओर से सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

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