कोरोना से भी ज़्यादा खतरनाक हो सकता है जीका वायरस, जानिये कैसे फैलता है

भारत में तेज़ी से फेल रहा जीका वायरस लोगो के सर दर्द का कारण बन गया है, केरल के बाद यू पी का कानपूर पहला शहर है यहा जीका वायरस पाया गया है, अब आए दिन कही न कही जीका वायरस तेज़ी से फेल रहा है। डराने वाली बात यह भी है कि दुनिया भर में जीका वायरस का अभी कोई इलाज नहीं है। अभी के लिए इस वायरस से साबधानी बरतनी बहद ही ज़रूरी है। आइए जानते है जीका वायरस कैसे फैलता है, कितना खतरनाक है Zika वायरस, ज़ीका वायरस के लक्षण क्या है, इस वायरस से कैसे बचा जा सकता है।

Zika Virus Causes Symptoms and Prevention
Zika Virus Causes Symptoms and Prevention

जीका वायरस रोग क्‍या है?

जीका वायरस भी वही मच्छर की प्रजाति से फैलता है जिससे डेंगू फैलता है, यानी एडीस मच्छर। जीका वायरस सलाइवा और सीमेन जैसे शरीर के तरल पदार्थ के आदान-प्रदान से संक्रामक हो सकता है। यह मनुष्यों के खून में भी पाया जा सकता है।रक्तदान के 14 दिनों के भीतर अगर व्यक्ति को जीका वायरस संक्रमण के साथ निदान किया गया है, तो रक्त दान का नहीं करना ही उचित है।

जीका वायरस से कैसे होता है लोगो को संक्रमण?

जैसा बताया गया है कि जीका मुख्य रूप से इंफेक्‍टेड एडीज प्रजाति के मच्छर (एडीज इजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस) के काटने से लोगों में फैलता है। एक प्रेग्‍नेंट महिला से प्रेग्‍नेंसी के दौरान या जन्म के समय भ्रूण को जीका पास हो सकता है। जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति भी इसे अपने सेक्स पार्टनर को पास कर सकता है।

जीका वायरस से किस तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं आ सकती हैं?

जीका वायरस से संक्रमित कई लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या हल्के लक्षण दिखते हैं। ये कुछ दिनों से लेकर एक सप्ताह तक बने रहते हैं। हालांकि, प्रेग्‍नेंसी के दौरान जीका इंफेक्‍शन गंभीर बर्थ इंफेक्‍शन पैदा कर सकता है। मौजूदा अध्‍ययनों से पता चलता है कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जीका से जुड़ा है। यह नर्वस सिस्‍टम की असामान्‍य बीमारी है। वैसे, हाल में जीका वायरस संक्रमण वाले लोगों के केवल एक छोटे से वर्ग को जीबीएस हुआ है। एक बार जीका से संक्रमित हो जाने पर संभव है कि उस व्‍यक्ति को भविष्य में यह इंफेक्‍शन नहीं हो। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि पूर्व में जीका संक्रमण से भविष्य में प्रेग्‍नेंसी में बर्थ डिफेक्‍ट का खतरा बढ़ जाता है कि नहीं।

जीका वायरस के कौन-कौन से लक्षण हैं?

जीका वायरस के लक्षण डेंगू के समान हैं। किसी व्यक्ति को संक्रमित मच्छर से काटे जाने के बाद थोड़ा जीका बुखार और चकत्ते दिखाई दिए जा सकते है। कॉंजक्टिवेटाइटिस, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, और थकावट कुछ अन्य लक्षण हैं जिन्हें महसूस किया जा सकता है। लक्षण आमतौर पर 2 से 7 दिनों तक चलते हैं।

जीका वायरस से बचाव के लिए लोग क्‍या कर सकते हैं?

जीका से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने और अपने परिवार को मच्छरों के काटने से बचाएं। इंसेक्‍ट रेपलेंट का इस्‍तेमाल करें। पूरी बाजू की शर्ट और फुल पैंट पहनें। अगर खुले में सोते हैं तो मच्छरदानी लगाएं और समय समय पर मछरो को स्प्रे करके मारे।

जीका वायरस का इलाज़ क्या है?

दुनिया भर में जीका वायरस का अभी कोई इलाज नहीं है। हालांकि लोग डेंगू और साधारण दवाइयो से सही हो पा रहे है।

जीका वायरस कितना जानलेवा है?

जैसा कि बताया गया है कि जीका के लक्षण हल्‍के होते हैं। ऐसे में संक्रमित व्‍यक्ति की मौत की आशंका बहुत कम होती है। इसमें कोविड-19 जैसा खतरा नहीं है। सिर्फ गंभीर मामलों में ही अस्‍पताल में एडमिट होने की जरूरत पड़ती है।

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Rahul

Hello Friends, मेरा नाम राहुल है। और अभी careerbhaskar.com ब्लॉग में एक फुल टाइम कंटेंट राइटर हु। मुझे लोगो को ऐसी जानकारी देना बहुत पसंद है, जो उनकी डेली लाइफ में काम आ सके।

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